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सतत विकास के आयाम: विकास क्या है? विकास की परिभाषा क्या है? विकास के विविध आयाम क्या हैं?

जीवन प्रयत्न चलने वाली एक निरंतर प्रक्रिया

विकास (Development) क्या है :

विकास जीवन प्रयत्न चलने वाली एक निरंतर प्रक्रिया है। विकास की प्रक्रिया में बालकों का सर्वांगीण विकास होता है, जिसमें हर क्षेत्र शामिल होता है जैसे- शारीरिक विकास (Physical development), क्रियात्मक विकास (functional development), संज्ञानात्मक विकास (cognitive development), भाषागत विकास (language development), संवेगात्मक विकास (emotional development) तथा सामाजिक विकास (social development) इत्यादि।

विकास परिवर्तन प्रकृति का नियम है। परिवर्तन सकारात्मक व नकारात्मक दोनों ही हो सकते हैं। किसी भी समाज, देश, व विश्व में कोई भी सकारात्मक परिवर्तन जो प्रकृति और मानव दोनों को बेहतरी की ओर ले जाता है वही वास्तव में विकास है। 

सामाजिक वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों, नीति नियोजकों द्वारा विकास शब्द का प्रयोग किया जाने लगा। मानव विकास, सतत् विकास, चिरन्तर विकास, सामुदायिक विकास, सामाजिक विकास, आर्थिक विकास, राजनैतिक विकास जैसे अलग-अलग शब्दों का प्रयोग कर विकास की विभिन्न परिभाषाएं दी गई। 

विकास के बारे में नीचे दी गई जानकारी से आपको और स्पष्टता होगी। 

1.विकास सकारात्मक वांछित परिवर्तन है।
2.विकास में स्थायित्व होता है।
3.विकास बहु-आयामी, सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था की पुनर्रचना है।
4.विकास समस्त मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार की प्रक्रिया का नाम है।
5.विकास नियोजन का परिणाम है।
6.जीवन स्तर में गुणात्मक एवं अनुकूलन परिवर्तन



विकास की परिभाषा क्या है?

संयुक्त राष्ट्र संघ ने विकास की जो परिभाषा प्रस्तुत की है, उसके अनुसार “विकास का तात्पर्य है सामाजिक व्यवस्था, सामाजिक संरचना, संस्थाओं, सेवाओं की बढ़ती क्षमता जो संसाधनों का उपयोग इस प्रकार से कर सके ताकि जीवन स्तर में अनुकूल परिवर्तन आये”।

 संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार विकास की प्रक्रिया जटिल होती है क्यों कि विकास आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक और प्रशासनिक तत्वों के समन्वय का परिणाम होता है।


विकास के आयाम कौन-कौन से हैं?

शारीरिक विकास

शारीरिक विकास किसी भी बालक का बाय परिवर्तन होता है। शारीरिक विकास के अंतर्गत होने वाले परिवर्तन बाहर से स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं जैसे ऊंचाई का बढ़ना, शारीरिक अनुपात में वृद्धि इत्यादि जीने हम स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।


मानसिक विकास

मानसिक विकास को संज्ञानात्मक विकास भी कहते हैं। मानसिक विकास का अर्थ बालक के उन सभी मानसिक योग्यता एवं क्षमताओं का विकास से है जिनके परिणाम स्वरूप बालक विभिन्न प्रकार के समस्याओं को सुलझाने में अपनी मानसिक शक्तियों का उपयोग कर पाता है।

सांवेगिक विकास

संवेग को भाव भी कहा जाता है। संवेग का अर्थ ऐसी अवस्था से होता है जो व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करता है। भय, क्रोध, घृणा, आश्चर्य, स्नेह, खुशी इत्यादि संवेग के उदाहरण है।

​संवेगात्मक विकास मानव वृद्धि एवं विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू है। बालक का संवेगात्मक व्यवहार उसकी शारीरिक वृद्धि एवं विकास को ही नहीं बल्कि बौद्धिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी प्रभावित करती है।

क्रियात्मक विकास

क्रियात्मक विकास का अर्थ किसी व्यक्ति या बालक के कार्य करने की शक्तियों, क्षमताओ या योग्यताओं के विकास से है।

​क्रियात्मक क्रियात्मक शक्तियों, क्षमता हो या योग्यताओं का अर्थ होता है कि – ऐसी शारीरिक गतिविधियां जिनके संपन्न करने के लिए मानसिक एवं तंत्रिकाओं की गतिविधियों के संयोजन की आवश्यकता होती है। जैसे – चलना, बैठना, इत्यादि।


भाषायी विकास

भाषा के विकास को एक प्रकार से संज्ञानात्मक, भावनात्मक विकास माना जाता है।

Language (भाषा) के माध्यम से बालक अपने मन के भावों, विचारों को एक दूसरे के सामने रखता है एवं दूसरे के भाव, विचारों एवं भावनाओं को समझता है।
भाषा विकास के अंतर्गत बोलकर, संकेत के माध्यम से अपने विचारों को प्रकट किया जाता है।
सामाजिक विकास
समाज के अंतर्गत रहकर भी विंडपावर लोगों को सीखना ही सामाजिक विकास का अर्थ है। समाज के अंतर्गत बालक चरित्र निर्माण, अच्छा व्यवहार, सांस्कृतिक, धार्मिक तथा सामुदायिक विकास, भाईचारा इत्यादि विकास को सीखता है।

संज्ञानात्मक विकास

इसका संबंध वातावरण को समझने उससे संबंधित चुनौती व समस्याओं को हल करने के लिए तर्कपूर्ण एवं अमूर्त ढंग से सोचने की क्षमता से है जो वातावरण के साथ होते अनुकूलित होने में मदद करती है।

नैतिक विकास

नैतिक विकास का अर्थ सामाजिक सांस्कृतिक और कानूनी रूप से सही और गलत के विश्लेषण करने की क्षमता के विकास से है जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव उसके सोच व्यवहार एवं भावना के प्रकटीकरण पर पड़ता है।

व्यक्ति एक नैतिक परिस्थितियों में किस प्रकार व्यवहार करता है उसके नैतिक विकास के स्तर पर निर्भर करता है।

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