Skip to main content

Posts

Showing posts with the label सामाजिक शोध एवं सांख्यिकी

सामाजिक शोध एवं सांख्यिकी : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

  इकाई प्रथम  सामाजिक शोध - अर्थ, खोज एवं अनुसंधान 1. सामाजिक शोध के अर्थ को समझाकर उद्देश्यों को स्पष्ट करें। सामाजिक शोध (Social research) एक महत्वपूर्ण शोध प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक विज्ञान और मानवीय विकास के संबंधित मुद्दों को गहनतापूर्वक अध्ययन करना होता है। यह विशेष तकनीकों, नियमों और सामाजिक विज्ञान के सिद्धांतों का उपयोग करके सामाजिक वास्तविकता को जांचने और समझने का प्रयास करता है। सामाजिक शोध विभिन्न सामाजिक समस्याओं, व्यक्तियों, समुदायों और समाज के अंतर्निहित प्रभावों को निरंतर मूल्यांकन करके उनके समाधान के लिए सुझाव देता है। सामाजिक शोध के उद्देश्यों को निम्नलिखित रूप में स्पष्ट किया जा सकता है: 1. सामाजिक विज्ञान की गहनतापूर्वक अध्ययन करना:  सामाजिक शोध का उद्देश्य सामाजिक विज्ञान के सिद्धांतों, संगठन और क्रियान्वयन के अध्ययन के माध्यम से सामाजिक वास्तविकता को समझना है। इसमें समाज की संरचना, संगठन, सामाजिक बदलाव, सामाजिक न्याय, सामाजिक समावेशन और समाज की अवस्था  के बारे में विशेषज्ञता विकसित की जाती है। 2. सामाजिक समस्याओ...

सामाजिक शोध एवं सांख्यिकी : लघु उत्तरीय प्रश्न

  इकाई प्रथम  सामाजिक शोध - अर्थ, खोज एवं अनुसंधान 1. अनुसन्धान और सामाजिक अनुसन्धान में क्या अन्तर है। अनुसंधान और सामाजिक अनुसंधान में यह अंतर होता है कि अनुसंधान एक व्यापक शोध प्रक्रिया है जो किसी विषय की गहराई में जाकर नई ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करती है, जबकि सामाजिक अनुसंधान संबंधित सामाजिक मुद्दों, समस्याओं, और प्रश्नों का अध्ययन करके समाज को सुधारने और विकास करने के लिए ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करता है। 2. सामाजिक अनुसन्धान की परिभाषित कीजिए। अनुसंधान और सामाजिक अनुसंधान में यह अंतर होता है कि अनुसंधान एक व्यापक शोध प्रक्रिया है जो किसी विषय की गहराई में जाकर नई ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करती है, जबकि सामाजिक अनुसंधान संबंधित सामाजिक मुद्दों, समस्याओं, और प्रश्नों का अध्ययन करके समाज को सुधारने और विकास करने के लिए ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करता है। 3. सामाजिक अनुसन्धान के प्रेरक तत्वों का उल्लेख करिए। सामाजिक अनुसंधान के प्रेरक तत्वों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं: सामाजिक न्याय और इंसानी हित:  सामाजिक अनुसंधानकर्ता को सामाजिक न्याय को सुधारने और...

सामाजिक शोध एवं सांख्यिकी: अति लघुउत्तरीय/वस्तुनिष्ठ प्रश्न

इकाई प्रथम  सामाजिक शोध - अर्थ, खोज एवं अनुसंधान 1. शोध मे वस्तुनिष्ठता क्या है? शोध में वस्तुनिष्ठता एक महत्वपूर्ण गुण है जो विशेषज्ञता, नैतिकता और विज्ञानिक मानकों का पालन करता है। यह शोधकर्ताओं को सत्यापन, प्रामाणिकता और नवीनता के मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित करता है। वस्तुनिष्ठता शोधकर्ता को उच्चतम मानकों के साथ विज्ञानिक रूप से कार्य करने और नई ज्ञान या सृजनात्मक योगदान प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करती है। 2. सामान्यीकरण से कया आशय है? सामान्यीकरण से आशय एक प्रक्रिया होती है जिसमें विभिन्न विषयों, आदर्शों, या ज्ञान के मध्य एक सामान्य अंतर या मिलान की प्राथमिकता होती है। यह विभिन्न तत्वों को एकीकृत करने और संगठित करने का प्रयास होता है। सामान्यीकरण के माध्यम से, अधिकांश विविधताओं या असंगतताओं को एकीकृत किया जा सकता है और एक सामान्य अवधारणा, नियम, या मानक का निर्माण किया जा सकता है। 3. सर्वेक्षण शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई है? "सर्वेक्षण" शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द "survey" से हुई है, जिसका अर्थ होता है "देखना" या "समीक्षा करना"। सर...