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समाज कार्य अभ्यास के क्षेत्र: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 इकाई प्रथम:  विभिन्न समुदायों के साथ समाज कार्य       1. ग्रामीण समुदाय की अवधारणा स्पष्ट कीजिए। ग्रामीण समुदाय एक संघटित समूह है जो गांवों में निवास करता है और एक साझा सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिचय रखता है। यह समुदाय ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन की आधारभूत इकाई होती है और उनके आर्थिक, सामाजिक, कृषि, पशुपालन, व्यापार, कला और संस्कृति के क्षेत्रों में सक्रिय रहती है। ग्रामीण समुदायों में सामाजिक बंधुत्व, परंपरा, समानता, साझा जिम्मेदारी और सहायता के मूल्य आदान किए जाते हैं। ये समुदाय अपनी आवासीय पर्यावरण का संचालन करते हैं, खेती-कृषि के द्वारा अपनी आजीविका उत्पन्न करते हैं और एक-दूसरे के साथ साझा संसाधनों का उपयोग करते हैं। ग्रामीण समुदायों की समृद्धि और विकास उनके सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक तत्वों के सद्भाव और सुरक्षा पर निर्भर करती है। ग्रामीण समुदाय उन लोगों का समूह होता है जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं और एक साझा सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान रखते हैं। इन समुदायों के सदस्य आपसी संबंधों में जुड़े होते हैं और एक दूसरे की सहायता और समर...

समाज कार्य अभ्यास के क्षेत्र: लघुउत्तरीय

 इकाई प्रथम:  विभिन्न समुदायों के साथ समाज कार्य  1. नगरीय करण के फलस्वरूप तंग बस्तियों के कारण एवं प्रभाव संक्षिप्त में बताइये। तंग बस्तियाँ नगरीयकरण के फलस्वरूप उत्पन्न होने वाली समस्याओं के चलते होती हैं। यहां कुछ मुख्य कारण और प्रभावों को संक्षेप में देखा जा सकता है: कारण : 1. जनसंख्या दबाव: नगरीयकरण के कारण शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या का विस्तार होता है, जिसके परिणामस्वरूप संकीर्ण इलाकों में ज्यादातर लोग बस्तियों में निवास करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। 2. अवसाद इलाकों में घुसपैठ: तंग बस्तियों में अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर लोग रहते हैं और इसके कारण अवसाद, आर्थिक संकट और अपराध की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे इलाकों में अधिकांश बच्चे शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहते हैं। 3. सामाजिक और आर्थिक असामानता: तंग बस्तियों में सामाजिक और आर्थिक असामानता बढ़ती है। यहां लोग न्यूनतम सुविधाओं के बिना रहते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति पक्षपाती नीतियों के कारण मजबूत नहीं होती है। प्रभाव: 1. सामाजिक संकट: तंग बस्तियों में जीवन की कठिनाइयों से जूझना पड़ता है, जैसे कि घुसपैठ, अपराध,...