इकाई प्रथम परिचय मूल्य एवं सिद्धांत 1. भारत में सामूहिक का इतिहास लिखें। भारत में सामूहिकता की भावना और उसका इतिहास बहुत प्राचीन हैं। इस देश में बड़ी-बड़ी सामुदायिक गतिविधियाँ और एकजुटता के उदाहरण मिलते हैं जो सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक या राजनीतिक मायनों में व्यापक प्रभाव डालती हैं। इसका इतिहास भारतीय सभ्यता, सामाजिक संस्कृति और राष्ट्रीय आंदोलनों के साथ जुड़ा हुआ है। प्राचीनकाल में भारतीय समाज गांव और जाति के प्रमुख आधार पर संगठित था। लोग जाति, वंश, या धर्म के आधार पर एकत्र होते थे और उनकी संघटना व्यापक सामुदायिक जीवन पर आधारित थी। इस प्रकार की सामूहिकता को समुदाय (community) कहा जाता था। इन समुदायों के भीतर धार्मिक और सांस्कृतिक समानताएं, संस्कार, और साझा मूल्यों को बनाए रखने की प्रथा थी। उदाहरण के रूप में, विभिन्न जातियों और समुदायों में मातृभाषा, खाद्य, वेशभूषा, और साहित्यिक परंपराएं आदि अपनी अलग-अलग थीं, लेकिन उनके बीच भी कुछ सामान्यताएं मौजूद थीं जो समाज को एकजुट करती थीं। आधुनिक भारतीय इतिहास में, सामूहिकता की भावना और आंदोलन विशेष रूप...