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सतत विकास के आयाम: लघुउत्तरीय

  इकाई प्रथम विकास अर्थ परिभाषा एवं आयाम   1.    परिवर्तन क्या है? स्पष्ट कीजिये।   विकास को सामान्यतः परिवर्तन का द्योतक माना जाता है। परिवर्तन सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों प्रकार का होता है। नकारात्मक परिवर्तन जहाॅ अवनति का द्योतक है वहीं सकारात्मक या वांछित परिवर्तन ही विकास के रूप में मान्य होता है जो प्रकृति और मानव दोनोे को बेहतरी की ओर ले जाता हो। अथवा परिवर्तन एक प्रक्रिया है जिसमें स्थिति, स्थान, संगठन, स्वरूप, या अवस्था में बदलाव होता है। यह जीवन का स्वाभाविक तत्व है और सभी क्षेत्रों में घटित होता है, सहित राजनीति, समाज, आर्थिक, प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, और पर्यावरणिक दृष्टिकोणों से। परिवर्तन कई तरीकों से हो सकता है, जैसे समाजिक, प्राकृतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, पॉलिटिकल, तकनीकी आदि। यह आवश्यक होता है क्योंकि समय के साथ जरूरतें और परिस्थितियां परिवर्तित होती हैं और मानव समुदाय को उन बदलते परिस्थितियों के साथ समायोजित होने की आवश्यकता होती है। परिवर्तन के पीछे कई कारक हो सकते हैं, जैसे तकनीकी आविष्कार, आर्थिक नीतियाँ, सामाजिक आन्दोलन, संगठनात...