मॉड्यूल - 10 (सामाजिक शोध एवं सांख्यिकी) : सामाजिक शोध क्या हैं? इस प्रकार के शोध किन उददेश्यों की प्राप्ति के लिए किए जाते हैं?
'शोध' अंग्रेजी शब्द 'रिसर्च' का पर्याय है किन्तु इसका अर्थ 'पुनः खोज' नहीं है अपितु 'गहन खोज' है। इसके द्वारा हम कुछ नया आविष्कृत कर उस ज्ञान परम्परा में कुछ नए अध्याय जोड़ते हैं।
व्यापक अर्थ में शोध या अनुसन्धान (Research) किसी भी क्षेत्र में 'ज्ञान की खोज करना' या 'विधिवत गवेषणा' करना होता है।
सामाजिक अनुसंधान क्या है; सामाजिक अनुसंधान का अभिप्राय उस अनुसंधान से है, जिसमें तर्क प्रधान व क्रमबद्ध विधियां प्रयुक्त करके सामाजिक घटना से संबंधित नवीन ज्ञान प्राप्त किया जाता है उसे सामाजिक अनुसंधान कहते हैं।
सामाजिक अनुसंधान में दो शब्द हैं- 'सामाजिक' तथा 'अनुसंधान'।
सामाजिक का अर्थ है- समाज से संबंधित, अर्थात ऐसे लोग जिनका संबंध समाज से होता है, और निर्जीव पदार्थों से इनका कोई संबंध नहीं होता है, समाज अर्थात इसमे केवल मनुष्य ही नहीं आते हैं बल्कि जो किसी झुंड में रहते हैं जैसे- चींटियों का झुंड, पशु पक्षी के झुंड को भी हम समाज कहते हैं, कहने का तात्पर्य जो बहुत सारे हों, और झुंड में रहते हों।
अनुसंधान शब्द का अर्थ- अनुसंधान शब्द अंग्रेजी के 'Research' शब्द का हिंदी रूपांतर है। इसे दो भागों में 'Re' तथा 'Search' को अलग किया जा सकता है।
'Re' शब्द का अर्थ है पुनः। 'Search' शब्द का अर्थ है खोज करना। अतः अनुसंधान का शाब्दिक अर्थ पुन: खोज करना है इसका अर्थ बार-बार खोजने से संबंधित है।
सामाजिक अनुसंधान की परिभाषाएं | definitions of social research
मोजर के अनुसार- "सामाजिक घटनाओं व समस्याओं के संबंध में नए ज्ञान प्राप्त करने के लिए की गई व्यवस्था व छानबीन को ही हम सामाजिक अनुसंधान कहते हैं।"
कुछ प्रचलित परिभाषाएँ:
‘‘सामाजिक शोध एक वैज्ञानिक योजना है जिसका कि उद्देष्य तार्किक तथा क्रमबद्ध पद्धतियों के द्वारा नवीन तथ्यों का अन्वेषण अथवा पुराने तथ्यों की पुनः परीक्षा एवं उनमें पाए जाने वाले अनुक्रमों (sequences), अन्तःसम्बन्धों, कारण सहित व्याख्याओं तथा उनको संचालित करने वाले स्वाभाविक नियमों का विष्लेषण करना है।’’ - पी.वी. यंग।
‘‘एक साथ रहने वाले लोगों के जीवन में क्रियाषील अन्तर्निमित प्रक्रियाओं का अनुसन्धान ही सामाजिक शोध है।’’ - बो. गार्ड्स। ‘‘सामाजिक घटनाओं व समस्याओं के सम्बन्ध में नवीन ज्ञान की प्राप्ति के लिए किए गए व्यवस्थित अनुसन्धान को हम सामाजिक शोध कहते हैं।’’ - मोजर।
परिभाषाओं में क्या विषेष बातें हैं?
(1) यह वैज्ञानिक योजना है।
(2) तर्कपूर्ण क्रमबद्ध है।
(3) तथ्यों का अन्वेषण एवं परीक्षण करना।
(4) कार्य-कारण सम्बन्ध पता लगाना।
(5) सामूहिक जीवन की प्रक्रियाओं, क्रियाओं का अध्ययन है।
(6) मानव सम्बन्धों का अध्ययन है।
सामाजिक अनुसंधान के उद्देश्य | सामाजिक शोध के उद्देश्य
samajik anusandhan का संबंध सामाजिक वास्तविकता से है, इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक वास्तविकता को क्रमबद्ध व वस्तुनिष्ठ रूप से समझना है इसके अतिरिक्त इसका उद्देश्य ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ ज्ञान को व्यवहारिक जीवन में पाई जाने वाली समस्याओं के समाधान के लिए प्रयुक्त करना भी है। इस प्रकार samajik anusandhan के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार से हैं।
1. समाधान- सामाजिक अनुसंधान का पहला उद्देश्य, विशिष्ट समस्याओं का समाधान करना है।
2. ज्ञान की प्राप्ति- सामाजिक अनुसंधान का दूसरा उद्देश्य सामाजिक वास्तविकता के संबंध में विशुद्ध ज्ञान प्राप्त करना व सिद्धांतों को विकसित तथा विस्तृत करना है।
3. पुन: परीक्षण- प्रचलित एवं वर्तमान सिद्धांतों का पुन:परीक्षण करना।
4. नवीन सिद्धांतों का निर्माण- सामाजिक अनुसंधान का उद्देश्य विशेष ना होकर नवीन तथ्यों की खोज अथवा प्राचीन तथ्यों की नवीन ढंग से विवेचना कर के वर्तमान सिद्धांतों की उपयुक्तता का परीक्षण करना वह उन में आवश्यक संशोधन कर नवीन सिद्धांतों का निर्माण करना भी है।
5. सैद्धांतिक उद्देश्य- सामाजिक अनुसंधान का अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य अन्य अनुसंधान की भांति ज्ञान प्राप्त करना है जिसे सैद्धांतिक उद्देश्य कहा जाता है। ऐसे अनुसंधान में सामाजिक घटनाओं के संबंध में नवीन तथ्यों की खोज पुराने नियमों की जांच या पहले से उपलब्ध ज्ञान में वृद्धि की जाती है।
6. व्यावहारिक उद्देश्य- सामाजिक अनुसंधान का व्यावहारिक उद्देश्य भी है। अनुसंधान से प्राप्त ज्ञान का प्रयोग घटनाओं की समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है।
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