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Showing posts from June, 2023

सतत विकास के आयाम : IMP

 सतत  विकास के लिए किए गए प्रयासों का वर्णन कीजिए बताइए| UNIT- 1 1.5  सतत विकास के लिए किए गए प्रयास: अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरणीय चितंन   1.मानव पर्यावरण संगोष्ठी:5-12 जून 1972 को स्वीडन की राजधानी स्टॅाकहोम में; जिसमें विश्व के 110 देशो ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के सम्बन्ध में कई प्रस्ताव पारित किए; को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई। 2.रियो सम्मेलन:संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ;न्छम्च्द्ध द्वारा प्रथम वैश्विक मानव सम्मेलन (स्टाॅक होम) की 20वीं वर्षगाॅठ पर ब्राजील की राजधानी रियो-डि-जेनेरियो में पृथ्वी शिखर सम्मेलन ;म्ंतजी ैनउउपजद्ध का आयोजन 3 से 13 जून, 1992 के दौरान किया गया जिसमें विश्व के 120 राष्ट्रों ने भाग लिया, जिसमें विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों की जैव सम्पदा के संरक्षण के लिये पर्याप्त पूॅजी व तकनीक प्रदान करने, ग्रीन हाउस गैसों (कार्बन डाइआक्साइड, मीथेन आदिद्ध के उत्सर्जन में 20 प्रतिशत कटौती, पर्यावरण को स्वच्छ रखने तथा उसके संरक्षण पर होने वाले व्यय का अधिकांश हिस्सा विश्व के विकसित देश उठायेगें जो पर्यावरण...

लैंगिक समानता एवं महिलाओं के विरूद्ध अपराध: लघु उत्तरीय प्रष्न

इकाई प्रथम  लैंगिक समानता की अवधारणा(Concept of Gender Equality) *-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-* इकाई द्वितीय  स्वास्थ्य और पोषण के स्तर पर भेदभाव  (Discrimination at the level of health and nutrition) *-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-* इकाई तृतीय लैंगिक आधार पर शोषण का अर्थ व जेंडर बजटिंग (Meaning of Exploitation on Gender Basis and Gender Budgeting) *-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-* इकाई चतुर्थ लिंग परीक्षण (Gender Testing) *-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-* इकाई पंचम श्रम आधारित कानून व निकाय (Labour Based Laws and Bodies) 1. कार्यस्थल यौन उत्पीड़न कानून क्या करता है? यौन उत्पीड़न क्या है? इस अधिनियम के तहत निम्नलिखित व्यवहार या कृत्य यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है- व्यवहार या कृत्य- इच्छा के खिलाफ छूना या छूने की कोशिश करना जैसे यदि एक तैराकी कोच छात्रा को तैराकी सिखाने के लिए स्पर्श करता है तो वह यौन उत्पीड़न नहीं कहलाएगा, पर यदि वह पूल के बाहर, क्लास खत्म होने के बाद छात्रा को छूता है और वह असहज महसूस करती है, तो यह यौन उत्पीड़न है। शारीरिक रिश्ता/यौन सम्बन्ध बनाने की मांग कर...

लैंगिक समानता एवं महिलाओं के विरूद्ध अपराध: वस्तुनिष्ठ प्रष्न

इकाई प्रथम लैंगिक समानता की अवधारणा(Concept of Gender Equality) 1. लैंगिक समानता की उत्पत्ति कैसे हुई है। ♦ सामाजिक न्याय ♦ सामाजिक कर्म ♦ सामाजिक दोष ♦ सामाजिक संघर्ष 2. प्रति एक हजार पुरूषों की संख्या लिंग अनुपात कहलाता है। ♦ स्त्रियों की ♦ धात्रियों की ♦ विधवाओं की ♦ बालिकाओं की 3. पुत्री होने पर घर का वातावरण होता है। ♦ जष्न का  ♦ मातम का ♦ खुषनुमार ♦ गर्वपूर्ण 4. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना लागू की गई। ♦ खेल में बढ़ाने ♦ पोषक आहार देने ♦ पुरस्कार देने ♦ गर्भपात रोकने *-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-* इकाई द्वितीय  स्वास्थ्य और पोषण के स्तर पर भेदभाव  (Discrimination at the level of health and nutrition) 1.किषोरियों में अधिक मनोवैज्ञानिक दबाव पाया जाता है। ♦  सत्य ♦  असत्य ♦  आधासत्य ♦  इनमें से कोई नहीं 2.गर्भावस्था के दौरान आहार न मिलने पर बच्चा होता है। ♦  भेंगा ♦  नाटा ♦  कुपोषित ♦  बौना 3.पौष्टिक भोजन रोगधाम करता है। ♦  रोगों से ♦  मोटापे स...

सतत विकास के आयाम: लघुउत्तरीय

  इकाई प्रथम विकास अर्थ परिभाषा एवं आयाम   1.    परिवर्तन क्या है? स्पष्ट कीजिये।   विकास को सामान्यतः परिवर्तन का द्योतक माना जाता है। परिवर्तन सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों प्रकार का होता है। नकारात्मक परिवर्तन जहाॅ अवनति का द्योतक है वहीं सकारात्मक या वांछित परिवर्तन ही विकास के रूप में मान्य होता है जो प्रकृति और मानव दोनोे को बेहतरी की ओर ले जाता हो। अथवा परिवर्तन एक प्रक्रिया है जिसमें स्थिति, स्थान, संगठन, स्वरूप, या अवस्था में बदलाव होता है। यह जीवन का स्वाभाविक तत्व है और सभी क्षेत्रों में घटित होता है, सहित राजनीति, समाज, आर्थिक, प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, और पर्यावरणिक दृष्टिकोणों से। परिवर्तन कई तरीकों से हो सकता है, जैसे समाजिक, प्राकृतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, पॉलिटिकल, तकनीकी आदि। यह आवश्यक होता है क्योंकि समय के साथ जरूरतें और परिस्थितियां परिवर्तित होती हैं और मानव समुदाय को उन बदलते परिस्थितियों के साथ समायोजित होने की आवश्यकता होती है। परिवर्तन के पीछे कई कारक हो सकते हैं, जैसे तकनीकी आविष्कार, आर्थिक नीतियाँ, सामाजिक आन्दोलन, संगठनात...